जालना के राजनीतिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय: वंदना मगरे बनीं पहली महिला महापौर, राजेश राऊत उपमहापौर.
जालना शहर की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से वंदना अरुण मगरे का महापौर पद पर निर्विरोध चयन हुआ है, जबकि राजेश रामभाऊ राऊत को उपमहापौर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है।
यह निर्णय न केवल संगठनात्मक एकजुटता का प्रतीक है, बल्कि नारी नेतृत्व, सुशासन और विकासवादी राजनीति का भी सशक्त संदेश देता है।
👉 खास बात यह है कि वंदना मगरे जालना महानगरपालिका की पहली महिला महापौर बनी हैं—जो शहर के नागरिक जीवन और लोकतांत्रिक परंपराओं में मील का पत्थर मानी जा रही है।
🗳️ नामांकन से निर्विरोध चुनाव तक
महापौर व उपमहापौर पदों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि तक
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महापौर पद के लिए केवल वंदना मगरे,
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उपमहापौर पद के लिए केवल राजेश राऊतका ही नामांकन प्राप्त हुआ। किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में न उतरने से दोनों पदों पर निर्विरोध चुनाव संपन्न हुआ—जो संगठन की अनुशासनप्रियता और नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाता है।
🏛️ स्पष्ट बहुमत, स्पष्ट दिशा
हाल ही में संपन्न जालना महानगरपालिका चुनाव में भाजपा ने 65 में से 41 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया था।
महापौर पद अनुसूचित जाति (महिला) के लिए आरक्षित होने के बावजूद पार्टी ने सर्वसम्मति से वंदना मगरे के नाम पर मुहर लगाकर एकता और निर्णय क्षमता का परिचय दिया।
👥 वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी में फैसला
महापौर–उपमहापौर चयन को लेकर जालना में हुई अहम बैठक में,
देवेंद्र फडणवीस से पूर्व चर्चा के अनुरूप,
राज्य के महसूल मंत्री व मनपा चुनाव प्रभारी चंद्रशेखर बावनकुळे,
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के मार्गदर्शन में
बैठक की अध्यक्षता रावसाहेब पाटील दानवे ने की।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री बबनराव लोणीकर,
जिलाध्यक्ष विधायक नारायण कुचे,
पंचायत राज समिति प्रमुख संतोष पाटील दानवे,
पूर्व विधायक व प्रचार प्रमुख कैलाश गोरंट्याल,
तथा महानगर अध्यक्ष भास्करराव पाटील दानवे उपस्थित रहे।
⏳ 15–15 महीनों का कार्यकाल
बैठक में यह तय हुआ कि महापौर और उपमहापौर—दोनों पदों का कार्यकाल 15–15 महीनों में विभाजित रहेगा।
प्रथम चरण के लिए वंदना मगरे (महापौर) और राजेश राऊत (उपमहापौर) के नामों पर सर्वसम्मति बनी।
🚧 विकास, सुशासन और विश्वास
पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने भरोसा दिलाया कि जालना शहर के समग्र विकास के लिए निधियों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। नागरिक सुविधाओं—सड़क, पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य व डिजिटल सेवाओं—को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह नेतृत्व राष्ट्रहित, जनहित और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा।
निष्कर्ष
वंदना मगरे का महापौर बनना नारी सशक्तिकरण, लोकतांत्रिक परिपक्वता और संगठनात्मक अनुशासन का प्रतीक है।
राजेश राऊत के साथ यह जोड़ी जालना को विकास, पारदर्शिता और सेवा-भाव की राह पर मजबूती से आगे ले जाएगी।
यह फैसला निस्संदेह जालना के भविष्य के लिए शुभ संकेत है।
✍️ शुभम अजित कोठारी — पत्रकार
ग्रामीण महाराष्ट्रातील वास्तव, देशसेवेतील प्रेरणादायी कथा, सामाजिक प्रश्न आणि जनतेसाठी महत्त्वाच्या सरकारी योजनांवर आधारित लेखनासाठी ओळख.
समाजाच्या आवाजाला व्यासपीठ देणे हीच त्यांची पत्रकारितेची भूमिका आहे.
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