⚡ जालना मनपा में नामित सदस्य को लेकर बवाल: भाजपा के 2 आवेदन खारिज, कांग्रेस में घमासान

जालना शहर की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। जालना महानगरपालिका (JMC) में छह स्वीकृत (नामित) सदस्यों के चयन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब स्क्रूटनी (जांच) शुरू हुई तो कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए।

सबसे बड़ा घटनाक्रम यह रहा कि भाजपा के दो उम्मीदवारों के आवेदन तकनीकी त्रुटियों के कारण रद्द कर दिए गए, जबकि कांग्रेस के भीतर भी उम्मीदवार के नाम को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया है।





🏛️ नामित सदस्य क्या होते हैं?

महाराष्ट्र के नगर निगम अधिनियम के तहत महानगरपालिका में कुछ सदस्यों को नामित (स्वीकृत) सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाता है।
इनका चयन समाज के विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी व्यक्तियों को परिषद में प्रतिनिधित्व देने के लिए किया जाता है।

अधिक जानकारी के लिए महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं:


⚠️ भाजपा के दो आवेदन रद्द

जालना महानगरपालिका में भाजपा को चार नामित सदस्य चुनने का अवसर मिला है। इसके लिए पार्टी की ओर से निम्नलिखित नाम प्रस्तावित किए गए थे:

  • अर्जुन कबूलमल गेही

  • शोभा गोपाल नारियलवाले

  • आनंद शिवआप्पा झारखंडे

  • सिद्धिविनायक वसंतराव मुले

बुधवार को हुई स्क्रूटनी के दौरान:

शोभा नारियलवाले और आनंद झारखंडे के आवेदन तकनीकी त्रुटियों के कारण रद्द कर दिए गए।

✔️ अर्जुन गेही और सिद्धिविनायक मुले के आवेदन स्वीकार कर लिए गए।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार इन दो आवेदनों के रद्द होने के बाद भाजपा में नामित सदस्य पद को लेकर नई राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।


⚡ शिवसेना (शिंदे गुट) और कांग्रेस के आवेदन स्वीकार

इस प्रक्रिया में शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से
👉 अश्विन भास्कर अंबेकर का नाम प्रस्तावित किया गया था, जिसे स्क्रूटनी के दौरान स्वीकार कर लिया गया।

वहीं कांग्रेस गटनेता एड. फारुख तुंडीवाले ने
👉 विनोद रत्नपारखे का नाम प्रस्तावित किया, जिसे भी प्रारंभिक रूप से स्वीकार किया गया।

जालना महानगरपालिका की सहायक आयुक्त सुप्रिया चव्हाण के अनुसार:

  • 6 मार्च की आमसभा में फिलहाल चार नामित सदस्यों का चयन किया जाएगा

  • शेष दो पदों पर आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।


🔥 कांग्रेस में भी बढ़ा विवाद

नामित सदस्य पद को लेकर कांग्रेस के भीतर भी विवाद सामने आया है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख, शहराध्यक्ष अतीक खान, पूर्व नगरसेवक वाजेद खान सहित कई पदाधिकारी मनपा पहुंचे और गटनेता द्वारा प्रस्तावित नाम पर आपत्ति दर्ज कराई।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पार्टी ने पहले अब्दुल अजीज आबुद बिन सामेदा का नाम तय किया था, लेकिन गटनेता ने बिना जानकारी के विनोद रत्नपारखे का नाम प्रस्तावित कर दिया।

जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख ने इसे पार्टी के साथ धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मामला अदालत तक भी ले जाया जा सकता है।


🗳️ जालना मनपा में दलों की स्थिति

हाल ही में हुए चुनावों के बाद जालना महानगरपालिका में दलों की स्थिति इस प्रकार है:

  • भाजपा — 41 सीटें

  • शिवसेना (शिंदे गुट) — 12 सीटें

  • कांग्रेस — 9 सीटें

  • AIMIM — 2 सीटें

  • निर्दलीय — 1 सीट

भाजपा को स्पष्ट बहुमत होने के कारण नामित सदस्य पद के लिए काफी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार 50 से अधिक इच्छुकों ने आवेदन पत्र लिया था।


📊 निष्कर्ष

जालना महानगरपालिका में नामित सदस्यों के चयन को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
भाजपा के दो आवेदन रद्द होने से पार्टी के भीतर हलचल बढ़ गई है, वहीं कांग्रेस में उम्मीदवार के नाम को लेकर चल रहा विवाद आने वाली आमसभा से पहले पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।

आने वाली 6 मार्च की आमसभा में इस पूरे घटनाक्रम पर अंतिम निर्णय होने की संभावना है, जिस पर पूरे शहर की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।


✍️ शुभम अजित कोठारी — पत्रकार
ग्रामीण महाराष्ट्रातील वास्तव, देशसेवेतील प्रेरणादायी कथा, सामाजिक प्रश्न आणि जनतेसाठी महत्त्वाच्या सरकारी योजनांवर आधारित लेखनासाठी ओळख.

समाजाच्या आवाजाला व्यासपीठ देणे हीच त्यांची पत्रकारितेची भूमिका आहे.

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